लेट आने पर 200 उठक-बैठक की सजा, झारखंड में चार छात्राएं ICU में भर्ती

संवाद 

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के एक सरकारी स्कूल में समय पर न पहुंचने की सजा के रूप में एक शिक्षक ने चार छात्राओं को 200 उठक-बैठक करने का आदेश दे दिया। अत्यधिक शारीरिक तनाव के कारण चारों छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सूत्रों के मुताबिक, मामला जिले के एक विद्यालय का है, जहां छात्राएं कुछ मिनटों की देरी से स्कूल पहुंचीं। इस पर कक्षा के एक शिक्षक ने अनुशासन के नाम पर कठोर सजा सुनाते हुए उन्हें 200 बार उठक-बैठक करने को कहा। गर्मी और थकावट की वजह से छात्राएं यह सजा पूरी करने के बाद वहीं गिरकर बेहोश हो गईं। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। छात्राओं की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिक जांच शुरू हो चुकी है और कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।

छात्राओं के परिजनों में रोष है और वे इस घटना को लेकर स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस अमानवीय व्यवहार की निंदा करते हुए शिक्षक की बर्खास्तगी की मांग की है।

यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड अब भी क्यों दिया जा रहा है, जब कि यह स्पष्ट रूप से निषिद्ध और गैरकानूनी है।

शिक्षा जगत से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक - रोहित कुमार सोनू


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