संसद में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब सरकार की ओर से ऐसा नया बिल पेश किया गया, जिसमें प्रावधान है कि अगर कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसे पद से हटाया जा सकेगा।
इस पर विपक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया। आरजेडी सांसद मनोज झा ने इस बिल को लेकर तंज कसते हुए कहा कि "यह बिल अमित शाह भाजपा के ही कुछ नेताओं के लिए लेकर आए हैं।" विपक्षी दलों का आरोप है कि इस तरह के कानून का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा सकता है।
वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि यह कदम सुशासन और राजनीतिक पदों की गरिमा को बनाए रखने के लिए जरूरी है।
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