संवाद
भारत सरकार की ओर से 3 सितंबर 2025 को आयोजित जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के फैसलों का असर अब दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर 2025 से प्रभावी रूप से कुछ दुग्ध उत्पादों पर जीएसटी दरों में कमी की है। इसी क्रम में बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) ने भी अपने ब्रांड ‘सुधा’ के अंतर्गत आने वाले दूध और विभिन्न दुग्ध उत्पादों की कीमतों में कटौती की घोषणा की है।
क्या बदला सुधा के दामों में?
कॉम्फेड की ओर से जारी सूचना के अनुसार, सुधा ब्रांड के दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के दाम एक से दस रुपये तक कम किए गए हैं। इसमें दूध, पनीर, मक्खन और घी जैसे उत्पाद शामिल हैं।
- सुधा पनीर 500 ग्राम: अब ₹205 (पहले ₹210)
- सुधा टेबल बटर 100 ग्राम: अब ₹55 (पहले ₹56)
- सुधा घी (1 किलो टिन पैक): अब ₹640 (पहले ₹650)
- दूध के कुछ टेट्रा पैक वेरिएंट्स में भी ₹1 की कमी की गई है।
उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहत
कॉम्फेड ने सभी डीलरों और विक्रेताओं को निर्देश जारी किया है कि आज से केवल संशोधित दरों पर ही उत्पाद बेचे जाएँ। हालांकि, फिलहाल बाजार में पुराने पैकेजिंग वाले उत्पाद भी उपलब्ध हैं, इसलिए उपभोक्ता को ध्यान देना होगा कि वह किस बैच का पैक खरीद रहे हैं।
क्यों हुआ यह बदलाव?
जीएसटी परिषद ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित करने और आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई बदलाव किए। डेयरी उत्पादों पर कर दर घटने से सीधे तौर पर दूध उत्पादक कंपनियों ने कीमतें कम कीं। इसका सीधा लाभ बिहार समेत पूरे देश के उपभोक्ताओं को मिलेगा।
असर ग्रामीण और शहरी दोनों पर
बिहार में दूध और डेयरी उत्पाद सिर्फ उपभोग की चीज़ नहीं, बल्कि लाखों किसानों की आजीविका का साधन भी है। सुधा के दाम घटने से जहाँ उपभोक्ता वर्ग को राहत मिली है, वहीं अधिक खपत होने से किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम खबर और बिहार की ताज़ा ख़बरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज