पटना।
बिहार सरकार ने राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के निर्देश पर सभी राजस्व कर्मचारियों, राजस्व अधिकारियों और अंचल अधिकारियों (CO) की छुट्टियां 31 दिसंबर तक रद्द कर दी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, अब सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में छह दिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। सरकार का कहना है कि भूमि विवाद, जमाबंदी सुधार, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए यह निर्णय लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला
राज्य सरकार को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि जमीन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ऑनलाइन आवेदन के निस्तारण में लापरवाही सामने आई थी। इसी को देखते हुए डिप्टी सीएम ने सख्त रुख अपनाया है।
आदेश का पालन अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर नहीं जाएंगे। लापरवाही या आदेश की अवहेलना करने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता को क्या होगा फायदा
इस फैसले से जमीन से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा होने की उम्मीद है। आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और समय पर समस्याओं का समाधान मिलेगा।
राज्य सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब राजस्व विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य, जिला और स्थानीय खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज