मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मनमानी और ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। औराई प्रखंड के विभिन्न गांवों की करीब 400 महिलाओं से समूह लोन के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। महिलाओं का आरोप है कि आसान लोन का झांसा देकर उनसे किस्त के रूप में मोटी रकम वसूली गई, लेकिन न तो तय शर्तों पर लोन दिया गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए।
इसी तरह सकरा प्रखंड में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कथित ज्यादती से परेशान एक पिता ने अपनी तीन बेटियों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर रोक लगाने का ऐलान किया था।
घटना के बाद पुलिस ने जिले में सक्रिय कई माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के दफ्तरों पर दबिश बढ़ाई। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही कई कंपनियों के कर्मी दफ्तर बंद कर फरार हो गए। पुलिस अब पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है और दोषी कंपनियों व उनके संचालकों की तलाश की जा रही है।
ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के नाम पर की जा रही इस तरह की ठगी ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करती है और पीड़ित महिलाओं को न्याय कब तक मिल पाता है।
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