इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। यह पर्व खरमास की समाप्ति और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। मकर संक्रांति के साथ ही शुभ और मांगलिक कार्यों की दोबारा शुरुआत हो जाती है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य संतोष मिश्रा के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी की रात 09:39 बजे से लेकर 15 जनवरी दोपहर 01:39 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किया गया दान, स्नान और पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। साथ ही तिल, मोदक, अन्न का दान, तथा खिचड़ी, दही और चूड़ा का सेवन शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन तिल दान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है, जिसका लोग लंबे समय से इंतजार करते हैं।
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