सीतामढ़ी | विशेष रिपोर्ट
उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित पहल अब जमीन पर उतरने जा रही है। सीतामढ़ी–जयनगर–निर्मली–सुरसंड नई रेललाइन परियोजना के तहत सुरसंड क्षेत्र में फरवरी महीने से अलाइनमेंट सर्वे शुरू किया जाएगा। इस खबर से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
करीब 188 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2008-09 में मंजूरी मिली थी। हालांकि, विभिन्न कारणों से यह परियोजना वर्षों तक ठंडे बस्ते में चली गई। वर्ष 2019 में रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को रोक दिया था, जिससे इलाके के लोगों में गहरी निराशा फैल गई थी।
फाइनल सर्वे और निविदा प्रक्रिया शुरू
अब रेलवे प्रशासन ने परियोजना को दोबारा गति देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, फाइनल सर्वे से जुड़ी निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फरवरी में एजेंसी का चयन होते ही अलाइनमेंट सर्वे का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई रेललाइन के बन जाने से सीतामढ़ी, सुरसंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा। क्षेत्र के लोगों को अब लंबी दूरी तय कर अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में आवागमन सुलभ होने से स्थानीय बाजारों को नई पहचान मिलेगी।
ललित ग्राम–वीरपुर रेललाइन को भी मिली गति
इसी क्रम में ललित ग्राम–वीरपुर रेललाइन को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। इस प्रस्तावित रेलखंड के लिए सर्वे और प्रशासनिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं, जिससे क्षेत्र के रेल नक्शे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
लंबे इंतजार के बाद जगी उम्मीद
करीब डेढ़ दशक बाद इस परियोजना को लेकर फिर से हलचल शुरू होने से स्थानीय लोग इसे सरकार और रेलवे की बड़ी पहल मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो क्षेत्र का चेहरा बदल जाएगा।
अब सबकी निगाहें फरवरी में शुरू होने वाले अलाइनमेंट सर्वे पर टिकी हैं, जो इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को हकीकत में बदलने की पहली मजबूत कड़ी साबित होगा।
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