कटिहार के मनिहारी में 600 दलित-आदिवासी परिवार 21 साल से जमीन के कब्जे का इंतजार, दबंगों का कब्जा बरकरार


संवाद 

कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड में सामाजिक न्याय की तस्वीर बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यहां 600 से अधिक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार पिछले 21 वर्षों से अपनी ही आवंटित जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे हैं। वर्ष 2004-05 में बैजनाथपुर दियारा क्षेत्र में इन परिवारों को बंदोबस्ती परवाना दिया गया था, लेकिन आज तक वे अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पाए हैं।

लाभुकों का आरोप है कि दबंगों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। स्थिति यह है कि जमीन उनकी है, वे नियमित रूप से मालगुजारी रसीद भी कटाते हैं, लेकिन फसल दबंग काट ले जाते हैं। वर्षों से चले आ रहे इस अन्याय के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मामले को लेकर स्थानीय विधायक ने जिला प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही दलित-आदिवासी परिवारों को उनका हक नहीं मिला, तो यह सामाजिक न्याय की अवधारणा पर सीधा प्रहार होगा।

वहीं अंचल अधिकारी (सीओ) ने बताया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सीमांकन का कार्य शुरू किया जा रहा है। सीमांकन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक लाभुकों को उनकी जमीन का कब्जा दिलाया जा सके।

अब सवाल यह है कि क्या 21 साल से इंतजार कर रहे इन परिवारों को आखिरकार उनका हक मिलेगा या फिर दबंगों का दबदबा यूं ही बना रहेगा।

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