बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रही है। पंचायत चुनाव के दौरान अब मशीन के जरिए फर्जी मतदाताओं की पहचान की जाएगी और दोबारा मतदान की कोशिश करने वालों पर सख्ती से रोक लगेगी।
पंचायत चुनाव में पहली बार फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस सिस्टम के माध्यम से बूथ पर वोट डालने आए मतदाता की पहचान की जाएगी, जिससे एक ही व्यक्ति द्वारा दोबारा वोट डालने की संभावना खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि पूरी मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से फर्जी मतदान जैसी शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई तकनीक से न केवल चुनाव प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि आम लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।
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