पेंशन प्राप्त करने वाले बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य लाभार्थियों को राहत देने के लिए सरकार ने जीवन प्रमाणपत्र प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है। यह निर्णय पेंशनधारकों को नाम, आधार कार्ड विवरण या अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) में विसंगति के कारण आ रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
दरअसल, बड़ी संख्या में पेंशनधारकों को आधार से नाम का मिलान नहीं होने, फिंगरप्रिंट मैच न होने या तकनीकी दिक्कतों की वजह से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में समस्या हो रही थी। इसके कारण कई लाभार्थियों की पेंशन अटक जा रही थी या अस्थायी रूप से बंद हो जा रही थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को अधिक सरल, लचीला और लाभार्थी-अनुकूल बनाने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत तकनीकी त्रुटियों के कारण किसी भी पेंशनधारक की पेंशन नहीं रोकी जाएगी। जिन लाभार्थियों का बायोमेट्रिक या आधार सत्यापन में दिक्कत आएगी, उनके लिए वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित कर्मी घर जाकर भी जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रह जाए।
सरकार का कहना है कि इस कदम से लाखों पेंशनधारकों को राहत मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिलता रहेगा।
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