गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड में कृषि विभाग की महत्वाकांक्षी फार्मर रजिस्ट्री योजना किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जटिलता के कारण बाधित हो रही है।
दरअसल, फुलवरिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अब भी उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है। ऐसे में जिन किसानों के नाम पर सीधे जमाबंदी नहीं है, वे फार्मर रजिस्ट्री के लिए पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। विभाग द्वारा लगाए जा रहे शिविरों में किसान उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि जमाबंदी का बंटवारा एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है, जिसे पूरा करने में सालों लग जाते हैं। जब तक बंटवारा नहीं होता, तब तक वे फार्मर आईडी नहीं बनवा सकते और इसका सीधा असर पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं के लाभ पर पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन पर खेती कर रहे वास्तविक किसानों को भी फार्मर रजिस्ट्री में शामिल किया जा सके। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारी मानते हैं कि समस्या गंभीर है और इसके समाधान के लिए उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है।
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