दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, सांसद मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले में नियमित ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।
कोर्ट के आदेश के साथ ही बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर बीजेपी और एनडीए ने इसे कानून की जीत बताया है, वहीं राजद और महागठबंधन इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष का दावा है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
गौरतलब है कि यह मामला रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने के आरोपों से जुड़ा है, जिसे लेकर लंबे समय से जांच और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अब चार्ज फ्रेम होने के बाद आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई और सियासी बयानबाजी दोनों तेज होने की संभावना है।
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