संयुक्त जमाबंदी बनी किसानों की मुसीबत, फार्मर रजिस्ट्री में आ रही बड़ी बाधा

संवाद 

बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन संयुक्त जमाबंदी की जटिल प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। जमाबंदी अलग नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में किसान अब तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

किसानों का आरोप है कि संयुक्त जमाबंदी को अलग कराने के लिए अंचल और राजस्व कार्यालयों में अनावश्यक देरी की जा रही है। कई किसानों का कहना है कि जमाबंदी सुधार और बंटवारे के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग भी की जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड की स्थिति इस समस्या की गंभीरता को साफ दिखाती है। यहां अब तक केवल करीब 70 प्रतिशत लघु किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्री हो सका है। वहीं, अधिकांश मध्यम किसान संयुक्त जमाबंदी में नाम जुड़े होने और रिकॉर्ड की गड़बड़ी के कारण रजिस्ट्री से वंचित रह गए हैं।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही संयुक्त जमाबंदी की प्रक्रिया को सरल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में किसान सरकारी योजनाओं से बाहर हो जाएंगे। वहीं कृषि और राजस्व विभाग की ओर से लगातार फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतें इस अभियान की गति को धीमा कर रही हैं।

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