बिहार के कई जिलों में बीते कुछ दिनों से कौवों की लगातार हो रही मौत ने चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच दरभंगा जिले में कौवों की मौत के मामले में आखिरकार बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की पुष्टि हो गई है। जिले के शहरी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 31 के भिगो इलाके में अब तक हजारों की संख्या में कौवे मृत पाए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से सड़कों, छतों और खुले मैदानों में मृत कौवों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही थीं। पहले इसे सामान्य बीमारी या जहरीले पदार्थ का असर माना जा रहा था, लेकिन जब मौतों का सिलसिला थमा नहीं, तब प्रशासन ने सैंपल जांच के लिए भेजे। जांच रिपोर्ट आने के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय पार्षदों का दावा है कि अब तक मरने वाले कौवों की संख्या लगभग 10 हजार तक पहुँच चुकी है। वहीं, पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों से भी कौवों के मरने की लगातार सूचनाएँ मिल रही हैं, जिससे खतरे की आशंका और गहरा गई है।
पशुपालन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मृत या बीमार पक्षियों को न छुएं और तुरंत प्रशासन को सूचना दें। प्रभावित इलाकों में सैनिटाइजेशन का काम तेज कर दिया गया है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। बर्ड फ्लू को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर संकेत मानी जा रही है।
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