बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ करते हुए वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है। सहनी के मुताबिक, सत्ता में आने से पहले किए गए वादे ज़मीन पर कहीं नज़र नहीं आते, उल्टा बेरोज़गारी लगातार बढ़ती जा रही है।
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों और अव्यवस्थित आर्थिक फैसलों के चलते बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले के चनपटिया क्षेत्र में करीब ₹7,000 करोड़ के स्टार्टअप बंद हो गए। इन स्टार्टअप्स के बंद होने से न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा, बल्कि हज़ारों लोगों की रोज़ी-रोटी भी छिन गई।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स युवाओं के लिए रोज़गार का बड़ा माध्यम बन सकते थे, लेकिन सरकार की नाकामी और नीतिगत अस्थिरता ने इस संभावना को भी खत्म कर दिया। सहनी ने सवाल उठाया कि जब सरकार रोजगार देने में विफल रही है, तो युवा आखिर जाएँ तो जाएँ कहाँ?
मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी बेरोज़गारी और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और युवाओं की आवाज़ को दबने नहीं देगी।
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