राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंदरूनी असंतोष और टूट की आशंकाओं के बीच पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। राजपूत समाज से आने वाले विधायक आलोक सिंह को RLM का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस कदम को पार्टी में संतुलन साधने और संभावित बगावत को थामने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
खास बात यह है कि आलोक सिंह को लेकर पहले उपेंद्र कुशवाहा से नाराजगी की चर्चा सामने आती रही है। ऐसे में उनकी ताजपोशी से साफ संकेत है कि कुशवाहा पार्टी को एकजुट रखने के लिए नाराज नेताओं को साथ लाने की कोशिश में हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह नियुक्ति सामाजिक समीकरणों को साधने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आलोक सिंह की भूमिका अब संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं को साधने और आगामी चुनावी रणनीति को धार देने में निर्णायक होगी। वहीं, इस फैसले से RLM के भीतर संदेश गया है कि नेतृत्व संवाद और समन्वय के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है।
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