संवाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। यूजीसी (UGC) के नए नियमों के विरोध में लखनऊ जिले के 169 विधानसभा क्षेत्र, बख्शी का तालाब अंतर्गत कुम्हरावां मंडल के 11 बीजेपी पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम से पार्टी के भीतर आंतरिक कलह की आशंका तेज हो गई है।
इस्तीफा देने वालों में कुम्हरावां मंडल के मंडल महामंत्री अंकित तिवारी प्रमुख हैं। उनके साथ मंडल के 10 अन्य पदाधिकारियों ने भी जिला अध्यक्ष को संबोधित पत्र सौंपते हुए संगठन से अलग होने का निर्णय लिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि UGC के नए नियम छात्रहित और शिक्षा व्यवस्था के मूल उद्देश्यों के विपरीत हैं, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है।
अंकित तिवारी ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी अपने प्रेरणा स्रोत पंडित दीन दयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित मूल विचारधारा और उद्देश्यों से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे संगठनात्मक असंतोष बढ़ रहा है।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर संवाद नहीं किया, तो आने वाले दिनों में असंतोष और गहरा सकता है। फिलहाल इस सामूहिक इस्तीफे ने लखनऊ बीजेपी संगठन की गतिविधियों में हलचल पैदा कर दी है।
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