पटना: राज्य में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से 31 दिसंबर 2025 तक कार्रवाई के आंकड़े काफी चौंकाने वाले सामने आए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अवधि में शराबबंदी से जुड़े करीब 10 लाख मामले दर्ज किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग ने मिलकर 4.5 करोड़ लीटर शराब जब्त की है। वहीं, कानून के उल्लंघन के आरोप में अब तक 16 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शराबबंदी अभियान के तहत राज्यभर में 1.60 लाख वाहनों को भी जब्त किया गया है। ये वाहन अवैध शराब के परिवहन या अन्य संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
सरकार का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार छापेमारी, निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी है। हालांकि, विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों की ओर से कानून के प्रभाव और इसके सामाजिक-आर्थिक असर पर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं।
इन आंकड़ों ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि शराबबंदी कानून के तहत हो रही कार्रवाई कितनी कारगर साबित हो रही है और इसके दीर्घकालिक परिणाम क्या होंगे।
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