पटना: साइबर यूनिट ने 10 फर्जी लोन ऐप की पहचान की है, जिन्हें विदेशी शत्रुतापूर्ण संस्थाओं द्वारा होस्ट किए जाने की बात सामने आई है। एजेंसियों के अनुसार, ये ऐप देश की सुरक्षा और आम नागरिकों की निजता के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।
📱 लोन के बहाने डेटा चोरी
जांच में पता चला है कि ये फर्जी ऐप लोन देने का लालच देकर यूजर्स का निजी डेटा हासिल करते हैं। बाद में इसी डेटा का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव बनाने की शिकायतें सामने आती हैं।
⚠️ डिजिटल हफ्ता वसूली का मॉड्यूल
गृह मंत्रालय ने इन ऐप्स को “डिजिटल हफ्ता वसूली” का मॉड्यूल बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित साइबर अपराध का हिस्सा है, जिसमें लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता है।
🔒 सतर्क रहने की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लोन ऐप को डाउनलोड करने से बचें और केवल अधिकृत व विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
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