हजारों टैक्सी ऑप्रेटरों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से पूरे देश सहित बिहार के हजारों टैक्सी-मैक्सी ऑप्रेटरों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की जारी अधिसूचना के तहत इस फैसले को लेकर आगामी 30 दिनों में आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। आपत्तियों व सुझावों के बाद यह व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
बिहार के टैक्सी ऑप्रेटरों की मांग लाई रंग
बिहार के टैक्सी ऑप्रेटर लंबे समय से टैक्सी परमिट की वैधता 15 साल किए जाने की मांग कर रहे थे। टैक्सी यूनियनों ने यह मामला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया था। अब केंद्र सरकार ने इस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे बिहार समेत पूरे देश के टैक्सी ऑप्रेटरों को राहत मिलेगी।
अब परमिट और गाड़ी—दोनों की वैधता 15 साल
अब तक टैक्सी वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष थी, जबकि परमिट की वैधता सिर्फ 12 वर्ष होने से विसंगति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टैक्सी वाहन और टैक्सी परमिट—दोनों की वैधता 15 वर्ष हो जाएगी। इससे ऑप्रेटरों को बार-बार परमिट नवीनीकरण कराने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।
करीब 70 हजार टैक्सी-मैक्सी ऑप्रेटरों को फायदा
केंद्र सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 70 हजार टैक्सी-मैक्सी ऑप्रेटरों को राहत मिलने की उम्मीद है। टैक्सी ऑप्रेटरों का कहना है कि कई लोगों ने 27 से 30 लाख रुपये तक की गाड़ियां खरीदी हैं, जिनकी किस्तें चुकाने में ही 7 से 8 साल लग जाते हैं। ऐसे में जब तक गाड़ी से कमाई शुरू होती है, परमिट खत्म होने का डर बना रहता था। अब 3 साल अतिरिक्त वैधता मिलने से टैक्सी ऑप्रेटरों को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकार को भी होगा अतिरिक्त राजस्व
परमिट की वैधता बढ़ने से टैक्सी ऑप्रेटरों के साथ-साथ सरकार को भी लाभ होगा। 3 साल अतिरिक्त परमिट अवधि से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा और परिवहन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
परिवहन, सरकारी फैसलों और बिहार से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए
मिथिला हिन्दी न्यूज