बिहार में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। 14 फरवरी से राज्य में ‘पिंक बस सेवा’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसकी कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथों में होगी। यह बसें केवल महिलाओं के लिए चलाई जाएंगी, ताकि वे बिना किसी डर और असुविधा के सुरक्षित यात्रा कर सकें।
पिंक बसों में महिला ड्राइवर और महिला कंडक्टर की तैनाती की जाएगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ महिलाओं को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना है, बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसर भी देना है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग कर सकेंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी पिंक बसें
महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पिंक बसों को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें शामिल हैं—
- सीसीटीवी कैमरे
- जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम
- इमरजेंसी पैनिक बटन
- आरामदायक सीटें
- बेहतर लाइटिंग और साफ-सफाई की व्यवस्था
इन सुविधाओं के जरिए महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी यात्रा को भी सुविधाजनक बनाया जाएगा।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की मजबूत पहल
राज्य सरकार का कहना है कि पिंक बस सेवा महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। खासकर कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। भविष्य में इस सेवा को और शहरों व रूटों पर विस्तार देने की योजना भी है।
कुल मिलाकर, बिहार में पिंक बस सेवा की शुरुआत महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव मानी जा रही है।
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