वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब दो प्रभावशाली ग्रह विशेष कोणीय संबंध बनाते हैं, तो उसका असर सिर्फ व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया पर भी देखने को मिलता है। फ्यूचर पंचांग के मुताबिक 5 मार्च 2026 से देवगुरु बृहस्पति और ग्रहों के राजा सूर्य के बीच नवपंचम राजयोग बनने जा रहा है। यह योग 9वें और 5वें भाव के संबंध से बनता है, जिसे भाग्य और बुद्धि का शुभ संयोग माना जाता है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह विशेष योग मिथुन, सिंह और मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ फल देने वाला साबित हो सकता है। इन राशियों के जीवन में करियर, धन, पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में सकारात्मक बदलाव के प्रबल योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह नवपंचम राजयोग करियर में तरक्की और नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ोतरी की खबर मिल सकती है। व्यापार करने वालों को नए कॉन्ट्रैक्ट या बड़े प्रोजेक्ट मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता और प्रभाव बढ़ाने वाला रहेगा। सरकारी नौकरी या राजनीति से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। पद-प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं और परिवार में भी खुशियों का माहौल रहेगा। मान-सम्मान में वृद्धि और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए यह योग भाग्य का पूरा साथ देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सकती है। धन लाभ के योग बनेंगे और निवेश से फायदा हो सकता है। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में भी शुभ परिणाम मिलने की संभावना है।
नवपंचम राजयोग का व्यापक प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु (बृहस्पति) और सूर्य (सूर्य) जैसे प्रभावशाली ग्रहों का शुभ संबंध समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इस योग के प्रभाव से शिक्षा, प्रशासन, राजनीति और धार्मिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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