देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करते हुए नया AI-पावर्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह फीचर बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े OTP (वन-टाइम पासवर्ड) फ्रॉड से ग्राहकों को रियल-टाइम में सतर्क करेगा।
कैसे करेगा काम?
एयरटेल के अनुसार, यदि किसी ग्राहक को किसी संदिग्ध या स्पैम नंबर से कॉल आती है और कॉल करने वाला व्यक्ति OTP साझा करने के लिए दबाव बनाता है, तो यह नया सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा।
ग्राहक को स्क्रीन पर या कॉल के दौरान चेतावनी दी जाएगी कि OTP साझा करना आर्थिक धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।
क्यों जरूरी था यह कदम?
आजकल साइबर अपराधी डिलीवरी एजेंट, बैंक अधिकारी, कस्टमर सपोर्ट या अन्य सेवाओं का बहाना बनाकर लोगों को झांसे में लेते हैं।
वे जल्दबाजी का माहौल बनाकर ग्राहक से बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP साझा करवाने की कोशिश करते हैं। जैसे ही OTP शेयर किया जाता है, खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं।
AI तकनीक की खासियत
- संदिग्ध कॉल पैटर्न की पहचान
- स्पैम और फ्रॉड नंबर का रियल-टाइम विश्लेषण
- कॉल के दौरान चेतावनी संदेश
- ग्राहकों को जागरूक करने के लिए सुरक्षा अलर्ट
कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम लगातार सीखने वाली (Machine Learning) तकनीक पर आधारित है, जिससे समय के साथ इसकी सटीकता और बेहतर होगी।
ग्राहकों के लिए क्या सलाह?
- कभी भी अपना OTP किसी से साझा न करें।
- बैंक या कंपनी कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगती।
- संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत कॉल काट दें और संबंधित बैंक या सेवा प्रदाता से आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में यह कदम ग्राहकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
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