दरभंगा सहित बिहार के चार शहरों के लिए घोषित मेट्रो रेल परियोजना फिलहाल लटकती नजर आ रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने जिन चार शहरों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और गया—में मेट्रो रेल परियोजना की घोषणा की थी, वे सभी मेट्रो के तय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।
मेट्रो रेल परियोजना के लिए केंद्र सरकार और शहरी विकास मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी शहर की न्यूनतम जनसंख्या कम से कम 20 लाख होनी चाहिए। लेकिन इन चारों शहरों में से किसी की भी आबादी इस मानक के करीब नहीं है। सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर गया भी लगभग 7 लाख की आबादी के आसपास ही है, जबकि दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर की जनसंख्या इससे भी कम है।
इस कारण नियमों के अनुसार इन शहरों में मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होना फिलहाल संभव नहीं माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बिहार कैबिनेट ने पटना मेट्रो के बाद मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। दरभंगा मेट्रो के लिए करीब 12.7 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की योजना बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य दरभंगा एयरपोर्ट को शहर के प्रमुख इलाकों से जोड़ना था।
सरकार का दावा था कि इन परियोजनाओं से राज्य में शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलेगी। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों और मेट्रो के निर्धारित मानकों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों में मेट्रो के बजाय लाइट मेट्रो, ट्राम या बीआरटीएस जैसी वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल दरभंगा समेत बिहार के चारों शहरों के लिए घोषित मेट्रो परियोजनाएं कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं और इनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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