बिहार विधानसभा में पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराने की मांग, सरकार ने दी प्रतिक्रिया


बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को दलीय आधार पर कराने की मांग विधानसभा में जोरदार तरीके से उठी है। पूर्णिया जिले के बनमनखी से भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने शुक्रवार को गैर-सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए सरकार से आग्रह किया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न (सिंबल) का इस्तेमाल किया जाए।

विधायक ने कहा कि देश के कई राज्यों में जिला परिषद, मुखिया और सरपंच जैसे पदों के चुनाव दलीय आधार पर कराए जाते हैं, इसलिए बिहार में भी यह व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उनका तर्क था कि इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मतदाताओं को उम्मीदवार की राजनीतिक पहचान साफ तौर पर पता चलेगी।

पंचायती राज मंत्री का जवाब

इस मुद्दे पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन में बताया कि वर्तमान में बिहार में पंचायत चुनाव बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 और बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली के तहत गैर-दलीय आधार पर ही कराए जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्य पद के उम्मीदवार किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल और जनता इस पर सहमत होते हैं, तो सरकार इस विषय पर विचार कर सकती है।

छह महीने का समय, सभी दलों से चर्चा की मांग

भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने जोर देकर कहा कि बिहार में अभी करीब छह महीने का समय बचा है और सरकार सभी राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श कर पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराने का निर्णय ले सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भले ही उम्मीदवारों को पार्टियों का समर्थन मिलता है, लेकिन प्रचार के दौरान पार्टी सिंबल का इस्तेमाल नहीं हो पाता।

नवंबर 2026 में संभावित हैं पंचायत चुनाव

आगामी पंचायत चुनाव नवंबर 2026 में संभावित हैं, क्योंकि राज्य की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायत मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि चुनाव समय पर कराए जाएंगे।

इस बार चुनाव में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। फर्जी वोटरों की पहचान के लिए कैमरे और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी है।

राजनीतिक बहस तेज होने के आसार

इस मुद्दे पर अब सरकार और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि बिहार के पंचायत चुनाव दलीय आधार पर होंगे या फिर मौजूदा गैर-दलीय व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे।

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✍️ रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू

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