पटना: बिहार की जनता दल (यूनाइटेड) नेतृत्व वाली नीतीश कुमार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के बयान ने आरक्षण के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है। मंत्री ने उन मुसलमानों को आरक्षण के दायरे में लाने की मांग उठाई है, जो धर्म परिवर्तन कर दलित से मुसलमान बने हैं या ऐसे मुस्लिम समुदाय जो दलितों जैसे पारंपरिक कार्य करते हैं।
📢 बयान से सियासी हलचल
अशोक चौधरी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दिए गए इस बयान को लेकर विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
⚖️ सामाजिक न्याय बनाम संवैधानिक प्रावधान
विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण से जुड़े प्रावधान संविधान और न्यायिक व्याख्याओं से नियंत्रित होते हैं। ऐसे में इस तरह की मांगों पर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
🗣️ विपक्ष की प्रतिक्रिया संभव
बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा बन सकता है।
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