पटना, 21 दिसंबर 2026।
नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में संचालित अवैध मांस–मछली दुकानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी पत्र में साफ कहा गया है कि बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के चल रही दुकानों और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाली दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए।
विभाग को मिली शिकायतों और रिपोर्टों के अनुसार कई नगर निकाय क्षेत्रों में मांस–मछली की दुकानें बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही हैं। कई जगह खुले में और अस्वच्छ परिस्थितियों में मांस की बिक्री की जा रही है, साथ ही मृत पशुओं का खुलेआम प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है और कानून-व्यवस्था व सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि कई दुकानें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों के आसपास संचालित हो रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345(4) के तहत कार्रवाई करते हुए दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
सरकार ने सभी नगर आयुक्तों और कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैध दुकानों को तय मानकों के अनुसार ही अनुज्ञप्ति जारी की जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही अवैध दुकानों के खिलाफ नियमित निगरानी और औचक जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकारी स्तर पर इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नगर निकाय क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाए जाने की संभावना है, जिससे अवैध रूप से चल रही दुकानों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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