अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की अलख जगाने वाले खजड़ी वाले बाबा की मूर्ति तोड़ी, इलाके में आक्रोश


भोजपुरी गीत “गेहुआं के रोटियां, रहरिया के दलिया तनी घीव भी मिलिहे ना…” के जरिए अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की चिंगारी फूंकने वाले महान क्रांतिकारी भागवत भगत उर्फ खजड़ी वाले बाबा की मूर्ति को अराजक तत्वों ने गुरुवार की रात क्षतिग्रस्त कर दिया।

शुक्रवार की सुबह जैसे ही इस घटना की जानकारी क्षेत्रीय लोगों को हुई, पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और टूटी हुई मूर्ति के सामने धरने पर बैठ गए। लोगों ने इस कृत्य को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्रीय विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया।

इस मामले पर सपा सांसद रामाशंकर विद्यार्थी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषियों की शीघ्र पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

फिलहाल प्रशासन ने मूर्ति क्षतिग्रस्त करने वालों की तलाश शुरू कर दी है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

देश, समाज और इतिहास से जुड़ी ऐसी अहम खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.