2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्य में पार्टी के नए चेहरे और किसानों के मुद्दों को मुखर रूप से उठाने वाले नेता राजू करपड़ा ने आप से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है।
राजू करपड़ा ने अपने इस्तीफे में पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र देने और संगठन से पूरी तरह अलग होने की बात लिखी है। उनका यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब आम आदमी पार्टी गुजरात में आगामी शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है।
किसान आंदोलन से बनाई पहचान
राजू करपड़ा पिछले साल उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने गुजरात में कथित किसान विरोधी ‘कडदा प्रथा’ के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। इस मुद्दे को लेकर वे किसानों के बीच लोकप्रिय हो गए थे और आप ने उन्हें राज्य में अपना प्रमुख चेहरा बनाकर आगे बढ़ाया था।
ग्रामीण इलाकों में उनकी सक्रियता और किसान सभाओं के जरिए पार्टी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा पार्टी के लिए रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
चुनावी तैयारी के बीच झटका
आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद गुजरात मिशन पर फोकस कर रहे हैं। पार्टी शहरी निकाय चुनावों के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने में जुटी है।
राजू करपड़ा का इस्तीफा ऐसे वक्त आया है जब बीजेपी को चुनौती देने के लिए आप संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान चला रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे ग्रामीण वोट बैंक में पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि राजू करपड़ा किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे या सक्रिय राजनीति से दूरी बनाएंगे।
आने वाले दिनों में उनके अगले कदम और आप की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
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