महाशिवरात्रि पूजन विधि और मंत्र: शिवपुराण से जानें भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे करें


महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवपुराण में रुद्राभिषेक की विधि और मंत्रों का विस्तार से वर्णन मिलता है।

महाशिवरात्रि पर पूजा का शुभ समय

महाशिवरात्रि की रात चार प्रहरों में पूजा का विशेष महत्व है। रात्रि जागरण कर शिवलिंग पर अभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

रुद्राभिषेक की सामग्री

  • शिवलिंग
  • गंगाजल या शुद्ध जल
  • दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)
  • बेलपत्र, धतूरा, भांग
  • सफेद फूल, अक्षत
  • धूप-दीप, कपूर

रुद्राभिषेक की सही विधि (शिवपुराण अनुसार)

  1. सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थल पर शिवलिंग स्थापित करें या मंदिर में भगवान शिव का ध्यान करें।
  3. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते हुए जल से अभिषेक करें।
  4. इसके बाद क्रमशः दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें।
  5. शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें और सफेद फूल चढ़ाएं।
  6. धूप-दीप जलाकर आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।

महाशिवरात्रि पर जप करने योग्य मंत्र

  • ॐ नमः शिवाय
  • महामृत्युंजय मंत्र:
    “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

रुद्राभिषेक करने से मिलने वाले लाभ

  • मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति
  • रोग-व्याधियों से राहत
  • आर्थिक समस्याओं में कमी
  • वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
  • कार्यों में सफलता के योग

महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

पढ़ते रहिए – मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू

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