नियोजित शिक्षकों को बड़ी राहत: अब BPSC की मुख्य परीक्षा नहीं देनी होगी, मामूली परीक्षा से बनेंगे सरकारी शिक्षक


बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से बड़ी राहत की घोषणा की गई है। अब नियोजित शिक्षकों को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की मुख्य परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने फैसला लिया है कि उन्हें केवल एक सरल परीक्षा के जरिए सरकारी शिक्षक बनाया जाएगा।

इस फैसले से राज्य के हजारों नियोजित शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से स्थायीकरण की मांग कर रहे थे।


शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि इन दोनों क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

  • बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गए हैं
  • शिक्षकों की बहाली में तेजी लाई गई है
  • लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक योजना जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं

BPSC से अब तक 2.58 लाख शिक्षकों की बहाली

बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से अब तक करीब 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। यह राज्य के शिक्षा इतिहास में एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।


नियोजित शिक्षकों के लिए परीक्षा में 5 मौके

सरकार के मुताबिक नियोजित शिक्षकों को इस प्रक्रिया के तहत कुल 5 अवसर दिए गए हैं।

  • अब तक 3 परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं
  • इन परीक्षाओं में 62 हजार नियोजित शिक्षक सफल हुए हैं
  • अब केवल 77 हजार शिक्षक परीक्षा में शामिल होने के लिए शेष हैं

सरकार का कहना है कि बचे हुए शिक्षकों को भी जल्द मौका दिया जाएगा ताकि वे मामूली परीक्षा पास कर सरकारी शिक्षक बन सकें।


शिक्षकों को स्थायी नौकरी का रास्ता साफ

इस फैसले के बाद नियोजित शिक्षकों के लिए सरकारी शिक्षक बनने का रास्ता काफी आसान हो गया है।

  • नौकरी की सुरक्षा बढ़ेगी
  • वेतन और सेवा शर्तों में सुधार होगा
  • पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा

शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे हजारों परिवारों को स्थिरता और सम्मान मिलेगा।


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✍️ संपादक: रोहित कुमार सोनू

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