पूर्वी चंपारण (बिहार): बिहार में ‘पुलिस-मित्र’ की नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्वी चंपारण पुलिस ने गिरोह के खिलाफ चार स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (SIT) गठित की हैं।
पुलिस ने इस ठगी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोतिहारी के चिरैया निवासी अशरफ कमाल और मुजफ्फरपुर निवासी विनीत कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पूछताछ के बाद पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना समेत तीन फरार आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया है। इस संबंध में पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि इस जॉब रैकेट का मास्टरमाइंड अशोक सम्राट है।
एसपी के अनुसार, अशोक सम्राट समस्तीपुर जिले का रहने वाला है और वह अपने दो सहयोगियों धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार के साथ मिलकर बिहार के अलग-अलग जिलों में ‘पुलिस-मित्र’ की नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलता था। गिरोह फर्जी नियुक्ति पत्र और झूठे आश्वासन देकर बेरोजगार युवाओं को ठग रहा था।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अब तक कितने युवाओं से ठगी की गई है और इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है। SIT की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की सरकारी नौकरी के नाम पर मांगे जा रहे पैसों से सावधान रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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मिथिला हिन्दी न्यूज