बिहार की राजधानी पटना के पटना जंक्शन पर शुक्रवार (20 मार्च) को रेल पुलिस ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। Government Railway Police (GRP) ने दिल्ली-मालदा टाउन फरक्का एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13484) में छापेमारी के दौरान 100 से अधिक जिंदा कछुए बरामद किए।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर सुबह करीब 4 बजे ट्रेन पहुंचते ही सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान कछुओं को पांच बोरों में बेहद क्रूर तरीके से पैक करके रखा गया था। कई कछुए तनावग्रस्त और निर्जलित हालत में पाए गए।
यूपी से बंगाल ले जाए जा रहे थे कछुए
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये कछुए उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल या पूर्वोत्तर राज्यों की ओर ले जाए जा रहे थे। अवैध बाजार में इनकी कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है।
5 तस्कर गिरफ्तार, महिला भी शामिल
इस कार्रवाई में कुल 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। सभी आरोपी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
विशेष अभियान के तहत कार्रवाई
यह छापेमारी त्योहारों के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी, जिसमें रेलवे स्टेशनों पर वन्यजीव तस्करी पर सख्त नजर रखी जा रही है।
कछुए संरक्षित प्रजाति, तस्करी गंभीर अपराध
कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों में आते हैं। इनकी तस्करी करना गंभीर अपराध माना जाता है।
बरामद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
बढ़ता खतरा, सतर्क रहने की जरूरत
यह घटना पटना जंक्शन पर वन्यजीव तस्करी के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान ऐसी गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
👉 वन्यजीवों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें।
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