उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। निगेटिव बैलेंस होने पर लाखों बिजली कनेक्शन स्वतः कट गए, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अब तक रिचार्ज नहीं कराया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग ने अब राज्यभर में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक प्रदेश में लगभग 5.79 लाख बिजली कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण कट गए थे, लेकिन इनमें से करीब 2.6 लाख उपभोक्ताओं ने अभी तक रिचार्ज नहीं कराया। ऐसे में विभाग को संदेह हुआ कि कहीं इन परिसरों में बिजली चोरी तो नहीं हो रही है।
इसी आशंका के आधार पर घर-घर और परिसर-परिसर जांच अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार शाम 5 बजे तक मध्यांचल, पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को-कानपुर वितरण क्षेत्रों में कुल 2990 परिसरों की जांच की गई।
जांच के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए—
👉 146 परिसरों में बिजली चोरी पकड़ी गई
👉 कई जगह बिना रिचार्ज के अवैध रूप से बिजली का उपयोग हो रहा था
बिजली विभाग का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं ने रिचार्ज नहीं कराया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चोरी करते पाए गए लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
इस अभियान से यह साफ हो गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली के बावजूद कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। अब विभाग ऐसे मामलों पर पूरी सख्ती बरतने के मूड में है।
👉 आम उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर रिचार्ज कराएं, ताकि कनेक्शन चालू रहे और किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
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