ATM ट्रांजैक्शन विवाद में ग्राहक की बड़ी जीत, बैंक पर लगा लाखों का जुर्माना


सूरत में साल 2017 के एक ATM ट्रांजैक्शन विवाद में उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Bank of Baroda को ग्राहक को 3.28 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला बैंकिंग सेवाओं में लापरवाही का एक अहम उदाहरण बनकर सामने आया है।

 क्या था पूरा मामला?

ग्राहक State Bank of India (SBI) के ATM से 10,000 रुपये निकालने गया था, लेकिन:

  • ATM से कैश नहीं निकला
  • खाते से 10,000 रुपये डेबिट हो गए

इसके बाद ग्राहक ने:

  • बैंक में कई बार शिकायत की
  • ईमेल और RTI के जरिए जानकारी मांगी
  • Reserve Bank of India (RBI) तक मामला पहुंचाया

लेकिन बैंक ने समय पर कोई समाधान नहीं दिया।

⚖️ उपभोक्ता आयोग का फैसला

आखिरकार ग्राहक ने उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज किया। सुनवाई के दौरान:

  • बैंक ने कहा कि ATM SBI का था, इसलिए उसकी जिम्मेदारी नहीं
  • साथ ही ट्रांजैक्शन “सक्सेसफुल” बताया

लेकिन आयोग ने इन दलीलों को खारिज कर दिया और कहा:

  • ट्रांजैक्शन का ठोस प्रमाण देना बैंक की जिम्मेदारी है
  • RBI नियमों के अनुसार 5 दिनों के भीतर पैसा लौटाना अनिवार्य था

 कितना देना होगा मुआवजा?

आयोग के आदेश के अनुसार:

  • ₹10,000 मूल राशि 9% ब्याज के साथ वापस
  • 3,288 दिनों की देरी पर ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से ₹3,28,800 मुआवजा

 कुल मिलाकर बैंक को 3.28 लाख रुपये से अधिक भुगतान करना होगा।

 क्या सीख मिलती है?

यह फैसला साफ करता है कि:

  • बैंकिंग लापरवाही पर ग्राहक को न्याय मिल सकता है
  • ATM किसी भी बैंक का हो, जिम्मेदारी ग्राहक के बैंक की भी होती है
  • समय पर शिकायत करना और रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी है

बैंकिंग से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज

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