पटना: देश में राज्यपालों के पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बिहार के राज्यपाल पद पर बदलाव करते हुए आरिफ मोहम्मद खान को हटाकर पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से 5 मार्च 2026 को जारी आदेश में बताया गया कि कई राज्यों के राज्यपालों और उपराज्यपालों के पदों पर फेरबदल किया गया है। इसी क्रम में बिहार के लिए भी नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सैन्य पृष्ठभूमि वाले राज्यपाल
नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने भारतीय सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और कश्मीर सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी पहचान एक अनुभवी सैन्य रणनीतिकार और अनुशासित प्रशासक के रूप में रही है।
अन्य राज्यों में भी बदलाव
राष्ट्रपति भवन के आदेश में कई अन्य राज्यों के राज्यपालों के पदों में भी बदलाव किए गए हैं।
- भाजपा नेता नंदकिशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है।
- कुछ अन्य राज्यों के राज्यपालों का भी तबादला किया गया है।
इन बदलावों को केंद्र सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति पर पड़ सकता है असर
बिहार में पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में राज्यपाल का बदलाव कई राजनीतिक मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यपाल संवैधानिक पद होता है और सरकार गठन, विधानसभा सत्र और कई संवैधानिक प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका होती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में यह बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू | मिथिला हिन्दी न्यूज