पटना: ई शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों के डाटा में त्रुटि सुधारने के लिए शनिवार (28 फरवरी) तक अंतिम अवसर निर्धारित किया गया था। निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी संबंधित स्कूलों और अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।
इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (योजना एवं लेखा) को स्पष्ट हिदायत दी थी कि पोर्टल पर दर्ज बच्चों के डाटा में किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते दुरुस्त किया जाए।
📌 क्यों जरूरी है डाटा सुधार?
ई शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज डाटा के आधार पर ही छात्र-छात्राओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है। डाटा में गलती होने पर छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल और अन्य शैक्षणिक योजनाओं में परेशानी हो सकती है।
🏫 जिला स्तर पर निगरानी
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया था कि डाटा सुधार कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य छात्रों को समय पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।
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