पश्चिम एशिया संकट का असर: बिहार में LPG की किल्लत, लोग चूल्हे-गोइठा पर लौटे


संवाद 

पटना: बिहार में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता का असर अब घरेलू गैस आपूर्ति पर साफ दिखने लगा है।

गैस की कमी के कारण कई इलाकों में लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि मजबूरी में परिवारों को फिर से पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे और गोबर के उपले (गोइठा) का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस संकट का सबसे ज्यादा असर मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी दैनिक रसोई पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर है। वहीं होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय भी इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन और गैस एजेंसियों से आपूर्ति बहाल करने की मांग तेज हो गई है।

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