राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में शराबबंदी नीति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी राज्य का “सबसे बड़ा संस्थागत भ्रष्टाचार” साबित हुई है।
तेजस्वी यादव का आरोप है कि इस नीति के कारण बिहार में करीब 40 हजार करोड़ रुपये की अवैध समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिन विभागों—गृह और मद्य निषेध—के पास रही, वे भी लंबे समय तक नीतीश कुमार के ही पास रहे हैं।
उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार की नीति पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से जवाब का इंतजार है।
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