बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड में गोवर्धन योजना के तहत जीविका से जुड़ी महिलाओं को बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर उजाला स्वयं सहायता समूह और जिला जल एवं स्वच्छता समिति के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस पहल के तहत गोबर और अन्य जैविक कचरे से गैस (बायोगैस) उत्पादन किया जाएगा। इससे महिलाओं की घरेलू एलपीजी गैस पर निर्भरता कम होगी और उन्हें सस्ती व पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का विकल्प मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी, बल्कि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को भी बेहतर बनाएगी। साथ ही, इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, क्योंकि वे इस परियोजना से जुड़कर आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकेंगी।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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