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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालने के बाद राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। गुरुवार को सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ हुई पहली औपचारिक बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास और सुरक्षा का व्यापक ‘ब्लूप्रिंट’ पेश किया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिहार में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता न करें और गंभीर अपराधों पर त्वरित व सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने ‘इंडस्ट्री हब’ की योजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में उद्योगों के लिए उपयुक्त जमीन और संसाधनों की पहचान करें, ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि राज्य में निवेश करने वाले कारोबारियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलना चाहिए। इसके लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
सरकारी सेवाओं को आम जनता तक आसान और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बैठक को राज्य में प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बिहार में निवेश और रोजगार के अवसरों में तेजी आने की उम्मीद है।
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