बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित मां शीतला मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यह अतिप्राचीन सिद्धपीठ धार्मिक आस्था और मान्यताओं का विशेष केंद्र माना जाता है।
इस मंदिर की सबसे खास परंपरा यह है कि यहां दिन के समय माता के सामने दीपक जलाना या हवन करना पूरी तरह वर्जित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, मां शीतला को दिन में शीतलता यानी ठंडक प्रिय होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की अग्नि या गर्मी से जुड़े अनुष्ठान नहीं किए जाते।
यही कारण है कि मंदिर में सूर्यास्त के बाद ही आरती, धूप-दीप और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। इस परंपरा का पालन श्रद्धालु वर्षों से करते आ रहे हैं और इसे लेकर गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
धार्मिक दृष्टिकोण से यह मंदिर न केवल बिहार बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां लोग माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं।
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