भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने बिहार के दरभंगा स्थित राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने यहां निदेशक सहित 13 वैज्ञानिक, 10 तकनीकी और 8 प्रशासनिक पदों की स्वीकृति प्रदान की है।
इस फैसले से मखाना अनुसंधान को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मखाना के प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और यांत्रिकीकरण (Mechanization) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इससे न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होने की संभावना है।
दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में मखाना उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में इस अनुसंधान केंद्र को सशक्त बनाने से स्थानीय किसानों और उद्यमियों को सीधे लाभ मिलेगा। सरकार का यह कदम मखाना उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
आने वाले समय में इस केंद्र के माध्यम से नई तकनीकों और शोध के जरिए मखाना उत्पादन को और अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाया जाएगा।
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