सम्राट चौधरी ने बिहार में शिक्षा और तकनीकी विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का वार्षिक शुल्क मात्र 10 रुपये और डिप्लोमा कोर्स का शुल्क सिर्फ 5 रुपये रखा गया है। यह घोषणा उन्होंने पटना के बिहटा स्थित नए टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और सभी अनुमंडलों में आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थान स्थापित हों, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा मिल सके और उन्हें बाहर न जाना पड़े।
🎓 टेक्नोलॉजी सेंटर और विस्तार योजना
पटना के बिहटा में बने प्रौद्योगिकी केंद्र के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में इसके एक्सटेंशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। इन केंद्रों का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देना और उन्हें उद्योगों के लिए तैयार करना है।
🚀 एससी-एसटी हब और उद्यमिता को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान एससी-एसटी हब के तहत उद्यमिता और विक्रेता विकास कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। इससे अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
🤖 AI रिसर्च सेंटर और निवेश योजना
सरकार ने आईआईटी पटना में 200 करोड़ रुपये की लागत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र राज्य को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाएगा तथा शोध और नवाचार को बढ़ावा देगा।
इसके साथ ही राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज व मॉडल स्कूल खोलने की योजना भी साझा की गई।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, युवाओं को सस्ती और सुलभ तकनीकी शिक्षा मिलेगी और राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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