राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब कॉलेजों में कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था लागू की जाएगी।
नए नियमों के तहत पीजी कोर्स की मान्यता बनाए रखने के लिए डॉक्टरों की सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नियमित उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा अस्पतालों में कम से कम 80% बेड ऑक्युपेंसी सुनिश्चित करनी होगी।
साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों को डिजिटल डेटा रिकॉर्ड रखना भी जरूरी कर दिया गया है, ताकि निरीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
NMC का मानना है कि इन कदमों से मेडिकल शिक्षा और अस्पताल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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