पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar की खाली हुई सीट पर उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है। इसके साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी, जबकि 8 जून तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया 20 जून तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
28 जून को जिन विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें गुलाम गौस, कुमुद वर्मा, मो. फारुख, भगवान सिंह कुशवाहा, भीष्म साहनी, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, Samrat Choudhary और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
वहीं, Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के बाद उनकी सीट खाली हुई है, जिस पर उपचुनाव कराया जाएगा।
इन 10 सीटों में वर्तमान स्थिति देखें तो 5 सीटें जेडीयू, 2 बीजेपी, 2 आरजेडी और 1 कांग्रेस के पास हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के बाद मौजूदा संख्या बल को देखते हुए परिषद चुनाव में भी एनडीए को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अब राजनीतिक दलों की नजर उम्मीदवारों के चयन और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिकी है। आने वाले दिनों में टिकट वितरण और गठबंधन की रणनीति बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है।
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