Bihar के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने सोमवार को ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और सहयोग पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अब राज्य में आम जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित करेगी, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा। इन शिविरों की निगरानी जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा रियल टाइम में की जाएगी, ताकि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी 30 दिनों के भीतर आवेदन का निष्पादन नहीं करता या फाइल लंबित रखता है, तो वह स्वतः 31वें दिन निलंबित माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जनता की शिकायतें आती रहेंगी, तब तक यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। उनका कहना था कि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें जल्द न्याय व समाधान मिल सके, इसी उद्देश्य से इस नई प्रणाली को लागू किया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञ इसे बिहार में जन शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
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