सीतापुरम टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों का बड़ा जुटान, 6 जून से अनशन की चेतावनी


सीतामढ़ी: जिले में सीतापुरम टाउनशिप परियोजना के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और किसानों को दिए जा रहे 55 प्रतिशत मुआवजा के विरोध में रविवार को पुनौरा धाम स्थित मिडिल स्कूल प्रांगण में विशाल ग्रामीण सभा आयोजित की गई। इस सभा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, भूमिधर, महिलाएं और ग्रामीण शामिल हुए।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि टाउनशिप के नाम पर किसानों और ग्रामीणों की पुश्तैनी जमीन छीनी जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि विकास के नाम पर गरीब किसानों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी वर्षों पुरानी खेती योग्य भूमि का अधिग्रहण कर उद्योगपतियों और बड़े व्यवसायिक घरानों को लाभ पहुंचाने की तैयारी हो रही है। किसानों ने कहा कि जमीन सिर्फ उनकी आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनकी पहचान, संस्कृति और पूर्वजों की धरोहर भी है। ऐसे में 55 प्रतिशत मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित करने की कोशिश अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया बैद्यनाथ हाथी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों में भारी असंतोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की जमीन जबरन लेने का प्रयास हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। यह केवल जमीन नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व का प्रश्न है।"

किशोरी हाथी ने कहा कि किसानों को मिलने वाला प्रस्तावित मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है। वहीं गुड्डू हाथी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आधुनिक टाउनशिप बसाने के नाम पर हजारों परिवारों को उजाड़ा जा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है। उनका कहना था कि खेती-किसानी छोड़ने के बाद रोजगार का कोई दूसरा विकल्प उनके पास नहीं बचेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार और प्रशासन द्वारा किसानों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आगामी 6 जून से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और अनशन जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

सभा में खेदु महतो, नन्हें अंसारी, रघुनाथ कुमार छोटे, सुनील कुमार, गजाधर साह समेत कई स्थानीय प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के अंत में ग्रामीणों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

सभा में हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया है कि सीतापुरम टाउनशिप को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है।

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