दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली सरकार ने रोड डिवाइडर के रंग में बदलाव करने की योजना तैयार की है। इस बदलाव का उद्देश्य डिवाइडरों को पहले की तुलना में अधिक आकर्षक और ज्यादा रिफ्लेक्टिव बनाना है, ताकि सड़क सुरक्षा और विजिबिलिटी बेहतर हो सके।
सरकारी निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पारंपरिक काले-पीले और काले-सफेद रंगों की जगह नए ग्रे-ऑरेंज कलर कॉम्बिनेशन का सुझाव दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह नया रंग संयोजन सड़क पर अधिक स्पष्ट दिखाई देगा और डिवाइडरों को आधुनिक लुक भी देगा।
योजना के तहत केवल रंग ही नहीं बदले जाएंगे, बल्कि पेंटिंग के तरीके में भी बदलाव किया जाएगा। अब डिवाइडरों को हाथों से रंगने के बजाय मशीनों की मदद से पेंट करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन से रंग करने पर पूरे डिवाइडर पर रंग का अनुपात समान रहेगा, जिससे उसकी फिनिशिंग बेहतर और अधिक आकर्षक दिखाई देगी।
अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में ट्रैफिक और सड़क व्यवस्था को लेकर हुई एक बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई। बताया गया कि दिल्ली में 1400 से अधिक लंबी सड़कों का नेटवर्क है, जहां Indian Road Congress के नियमों के अनुसार डिवाइडरों को काले-पीले या काले-सफेद रंगों से पेंट किया जाता रहा है।
इन रंगों का उद्देश्य वाहन चालकों को रात में हेडलाइट की रोशनी में डिवाइडर को दूर से दिखाना था। लेकिन समय के साथ धूल और गंदगी की वजह से इनकी रिफ्लेक्टिव क्षमता कम होती गई। साथ ही हाथों से पेंटिंग होने के कारण कई जगहों पर रंगों का अनुपात भी एक समान नहीं रहा।
अब सरकार को उम्मीद है कि नया ग्रे-ऑरेंज मॉडल न केवल सड़कों की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
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