मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार अब एलपीजी गैस सब्सिडी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाती दिख रही है। खबरों के मुताबिक, राजस्थान में किए गए आंकड़ों के विश्लेषण में 40,000 से अधिक ऐसे उपभोक्ता पाए गए जो उच्च आय वर्ग में आने के बावजूद गैस सब्सिडी का लाभ ले रहे थे। इसके बाद सरकार की नजर अब अपात्र और फर्जी लाभार्थियों पर भी टिक गई है।
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें निष्क्रिय या फर्जी गैस कनेक्शन अब भी रिकॉर्ड में सक्रिय हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी गैस कनेक्शन चलने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों को लेकर अब नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
नियमों के मुताबिक यदि किसी गैस कनेक्शन धारक की मृत्यु हो चुकी है और उसके नाम पर अभी भी गैस कनेक्शन का उपयोग किया जा रहा है, तो परिवार को 30 दिनों के भीतर उस कनेक्शन को किसी पात्र सदस्य के नाम स्थानांतरित कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में सब्सिडी या कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस सब्सिडी केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके पात्र हैं। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने और योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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